आजादी के मायने..............एक कविता
आजादी के मायने समझ मे आते है।
हसंते हसंते निहत्ते कत्ल किये जाते है।।
संभल कर चलना आजादी है।
अधिकरो पर अतिक्रमण भी हो जाते है।।
गैरो पर भरोसा रखना अपनो से ज्यादा।
अपने अक्सर ही मुसीबतो मे दूर जाते है।।
डर डर के रहना तू अपने आशियाने मे।
कभी कभी दिन मे भी ताले तोडे जाते है।।
न दिल लगाना कभी किसी मुफलिस से।
यहा सिर्फ किताबो मे दिल पडे जाते है।।
सुखी न होना कभी खुशी से ।
ये शुभ अवसर खा जाते है।।
वो हंसते हंसते आते है।
कितनो को रुला के जाते।।
विजय कुमार मेहरा
आजादी के मायने समझ मे आते है।
हसंते हसंते निहत्ते कत्ल किये जाते है।।
संभल कर चलना आजादी है।
अधिकरो पर अतिक्रमण भी हो जाते है।।
गैरो पर भरोसा रखना अपनो से ज्यादा।
अपने अक्सर ही मुसीबतो मे दूर जाते है।।
डर डर के रहना तू अपने आशियाने मे।
कभी कभी दिन मे भी ताले तोडे जाते है।।
न दिल लगाना कभी किसी मुफलिस से।
यहा सिर्फ किताबो मे दिल पडे जाते है।।
सुखी न होना कभी खुशी से ।
ये शुभ अवसर खा जाते है।।
वो हंसते हंसते आते है।
कितनो को रुला के जाते।।
विजय कुमार मेहरा
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